🌱 कम पानी में कौन-सी फसलें उगाएँ? | Low Water Requirement Crops in India

Low water requirement crops

नमस्कार🙏,

आज के समय में गिरता भू-जल स्तर, कम बारिश और बदलती जलवायु किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में कम पानी में उगने वाली फसलें (Drought Resistant Crops) किसानों के लिए एक सुरक्षित और मुनाफ़ेदार विकल्प बन चुकी हैं।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे—

🌾 कम पानी में उगने वाली 15 बेहतरीन फसलें

1️⃣ बाजरा (Pearl Millet)

🌡️ सूखा सहनशील होती है।
💧 पानी बहुत कम लगता है।
⏱️ अवधि: 70–80 दिन
📍 क्षेत्र: राजस्थान, हरियाणा, गुजरात

2️⃣ ज्वार (Sorghum)

💧 2–3 सिंचाई की आवश्यकता होती है।
🐄 चारे के रूप में उपयोग होती है।
🌦️ कम बारिश वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त होती है।

3️⃣ चना (Gram)

💧 1–2 सिंचाई पर्याप्त होती है।
💰 दाल का स्थिर बाजार होता है।
🌱 यह कठोर मिट्टी में भी उग जाता है

4️⃣ मसूर (Lentil)

💧 बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है।
🌾 रबी मौसम की प्रमुख फसल है।
🌍 मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है।

5️⃣ सरसों (Mustard)

💧 1–2 सिंचाई की जरूरत होती है।
🔥 सूखा सहनशील होती है।
🌟 कम लागत, अधिक लाभ

6️⃣ तिल (Sesame)

💧 1–2 सिंचाई की जरूरत होती है।
🔥 सूखा सहनशील होता है।
🌟 कम लागत, अधिक लाभ

7️⃣ मूँग (Moong)

💧 2–3 सिंचाई की आवश्यकता होती है।
⏳ 60–70 दिन में तैयार ही हो जाता है।
🌱 यह इंटरक्रॉपिंग के लिए उपयोगी फसल है।

8️⃣ उड़द (Urad)

💧 कम पानी की जरूरत होती है।
🌧️ बारिश पर निर्भर होकर भी उत्पादन अच्छा देती है।

9️⃣ लोबिया (Cowpea)

💧 2 सिंचाई पर्याप्त होती है।
☀️ गर्मी और सूखे में भी बढ़िया होती है।

🔟 जौ (Barley)

💧 गेहूँ से कम पानी लगता है।
🍞 बेकरी, शराब, चारा में उपयोग होता है।
💰 कम लागत–अधिक मुनाफा

1️⃣1️⃣ रागी (Finger Millet)

🔥 सबसे सूखा सहनशील फसल है।
💧 बहुत कम पानी
🍽️ पोषक मिलेट फसल

1️⃣2️⃣ मेथी (Fenugreek)

🌱 कम पानी
🥬 पत्ते + बीज दोनों से कमाई

1️⃣3️⃣ कमी पानी वाली प्याज (Onion – Kharif)

💧 सामान्य प्याज से कम पानी लगता है।
🧅 सालभर डिमांड रहती है।

प्रमुख वैरायटी:–पूसा रेड, पूसा रत्नार, पूसा माधवी, अर्का कल्याण

जो उत्तर भारतीय मैदानों के लिए उपयुक्त हैं।

1️⃣4️⃣ आलू (Potato) – Drip Irrigation

💧 ड्रिप से 40–50% पानी की बचत होती है।
🌱 कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए अच्छा होता है।

1️⃣5️⃣ कसावा (Tapioca)

🌞 दक्षिण भारत में लोकप्रिय है।
🔥 सूखे में भी बढ़िया होती है।
🏭 स्टार्च उत्पादन में उपयोगी है।

💡 कम पानी में फसलें क्यों उगाएँ?

✔️ पानी की बचत होती है।
✔️ कम लागत लगती है।
✔️ जलवायु अनुकूल रहता है।
✔️ जोखिम कम होता है।
✔️ दाल, तेल, अनाज—सब के विकल्प उपलब्ध है।

🚜 कम पानी में खेती के आधुनिक तरीके

🔸 1. ड्रिप इरिगेशन

💧 पानी 50–60% तक बचता है।

🔸 2. मल्चिंग

🌿 मिट्टी की नमी बनी रहती है।

🔸 3. सूखा-रोधी बीज (Drought Resistant Seeds)

🌾 पैदावार ज्यादा, पानी कम लगता है।

🔸 4. इंटरक्रॉपिंग

🌱 दो फसलों से एक साथ कमाई होती है।

💰 इन फसलों से अधिक मुनाफ़ा कैसे कमाएँ?

🔹 कम पानी वाली फसल + ड्रिप इस्तेमाल करें।
🔹 सरसों, चना, मूँग जैसी उच्च मांग वाली फसलें चुनें।
🔹 MSP वाली दालें उगाएँ।
🔹 मिलेट फसलों की डिमांड लगातार बढ़ रही है।
🔹 सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएँ।

निष्कर्ष

कम पानी में उगने वाली फसलों का चुनाव करके किसान कम लागत, कम जोखिम और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। बाजरा, चना, सरसों, तिल और मूँग जैसी फसलें सूखे क्षेत्रों के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं। यदि किसान आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप इरिगेशन और मल्चिंग का उपयोग करें, तो पैदावार और भी ज्यादा हो सकती है।

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